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7 Ratti - Natural And Energized Pearl (Moti) JGL Certified

1750.00
 
Gemstone: Pearl (Moti)
Weight in Ratti: 7.00
Weight in Carat: 6.37
Origin: Natural & Energized
Shape: Round
Cut: Round
Sku: PCG0004
Certificate: JGL Certified (Jewles and Gems laboratory)
Treatment: No Treatment
Energization: Energized By Acharaya Raman (More than 15 years Experience in Vedic Astrology and Gem Astrology)
Dispatch Time: 2-3 Business Days (5 Days For Jewelry like Ring & Pendant)
Free Shipping: All over India and USA
Order on Whatsapp: 82852 82851
 
सावधानी मोती क्रय करते समय दो बातों का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए पहला कहीं वो नकली न हो और दूसरा मोती पहनने की जो शर्ते हैं उन्‍हें पूरा किया जाए। असली और नकली रत्‍नों की पहचान करना बहुत मुश्‍किल है इसलिए महंगे रत्‍नों को सिर्फ अच्‍छी जगह से लें और उनके सर्टिफिकेट देखकर ही लें। दूसरी बात की मोती के साथ हीरा, पन्‍ना, नीलम, गोमेद और लहसुनिया न पहनें।

ज्योतिष और मोती रत्न के लाभ

मोती चंद्रमा का रत्न है इसलिए जिसकी जन्मकुंडली में चंद्रमा क्षीण, दुर्बल या पीडि़त हो उन्हें मोती अवश्य धारण करना चाहिए। निम्न परिस्तियों में इसे ग्रहण करें:

  • यदि जन्मकुंडली में सूर्य के साथ चंद्रमा उपस्थित हो तो वह क्षीण होता है। इसके अलावा सूर्य से अगली पांच राशियों के पहले स्थित होने पर भी चंद्रमा क्षीण होता है। ऐसी स्थिति में मोती धारण करना चाहिए।
  • केंद्र में चंद्रमा हो तो उसे कम प्रभाव वाला या अप्रभावी मानते हैं। ऐसे में केंद्र में चंद्रमा होने पर भी मोती पहनना चाहिए।
  • दूसरे भाव अर्थात धन भाव का स्वामी यदि चंद्रमा हो तो यह कुंडली मिथुन लग्न में होगी। ऐसे में अगर चंद्रमा छठे भाव में बैठा हो तो मोती धारण करना बहुत उत्तम होता है।
  • जन्मकुंडली में अगर चंद्रमा पंचमेश होतर बारहवें भाव में हो या सप्तमेश होकर दूसरे भाव में हो, नवमेश होकर चतुर्थ भाव में हो, दशमेश होकर पंचम भाव में हो तथा एकादशेश होकर षष्ठम भाव में स्थित हो तो ऐसे व्यक्ति को यथाशीघ्र मोती धारण कर लेना चाहिए।
  • किसी भी कुंडली में अगर चंद्रमा वृश्चिक राशि का हो तो इससे कोई प्रभाव नहीं पड़ता कि वो किस भाव में है। ऐसे जातक को बिना विलंब मोती धारण करना चाहिए।
  • इसी प्रकार चंद्रमा छठें, आठवें और बारहवें भाव में हो तो भी मोती धारण कर लेना चाहिए।
  • यदि चंद्रमा राहू, केतु, शनि और मंगल के साथ बैठा हो या इनकी दृष्टि चंद्रमा पर हो तो भी मोती धारण करना चंद्रमा के अच्छे फल देता है।
  • चंद्रमा जिस भाव का स्वामी हो उससे छठे या आठवें स्थान में अगर वह स्थित हो तो भी मोती धारण करना चाहिए।
  • अगर चंद्रमा नीच का हो, वक्री हो या अस्तगत हो, इसके अलावा चंद्रमा के साथ राहू के ग्रहण योग बना रहा हो तो भी मोती धारण कर लेना चाहिए।
  • यदि विंशोत्तरी पद्धति से चंद्रमा की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो तो ऐसे व्यक्ति को भी मोती पहन लेना चाहिए।
 
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