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11 Mukhi Rudraksha With Certificate

10100.00
 
Gemstone: Rudraksha
Weight in Ratti: 0.00
Weight in Carat: 0.00
Origin: Nepal
Shape:
Cut:
Sku: RUD0011
Certificate: JGL Certified (Jewles and Gems laboratory)
Treatment: No Treatment
Energization: Energized By Acharaya Raman (More than 15 years Experience in Vedic Astrology and Gem Astrology)
Dispatch Time: 2-3 Business Days (5 Days For Jewelry like Ring & Pendant)
Free Shipping: All over India and USA
 
ग्यागरह मुखी रुद्राख को भगवान शिव का रुद्र रूप कहा जाता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने या उनकी कृपा पाने के लिए ग्यागरह मुखी रुद्राक्ष सबसे सरल और प्रभावकारी माना गया है। ग्यानरह मुखी रुद्राक्ष को शिखा में बांधना या गले में धारण करना चाहिए। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को भगवान इंद्र का स्वुरूप भी माना जाता है।

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष के लाभ :-

ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को पहनने और रोज़ इसकी माला का जाप करने से अश्‍वमेघ यज्ञ जितने पुण्‍य की प्राप्‍ति होती है। 

ग्यापरह मुखी रुद्राक्ष से सबसे ज्यादा व्यापारियों को लाभ मिलता है क्योंकि इससे आय के स्रोत खुलते हैं और व्यापार में वृद्धि होती है एवं नए अवसर प्राप्त होते हैं।

इस ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को राजनीति, कूटनीति और हर क्षेत्र में विजय हासिल होती है।

संतान की इच्‍छा रखने वाले लोगों को भी ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से लाभ होता है। 

कैसे करें ग्यारह मुखी रूद्राक्ष धारण :-

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को सोमवार, शुक्रवार या एकादशी के दिन ही धारण करना चाहिए। इस रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र “ॐ ह्रीं हूं नमः” है। इसके पश्चात् तीन माला का “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। इससे आपको ग्यारह मुखी रुद्राक्ष का दस गुना अधिक लाभ प्राप्त होगा।

हमसे क्यो ले :-

अच्छा और अभिमंत्रित रुद्राक्ष मिल जाना किसी चुनौती जैसा है। हमारे पास अभिमंत्रित रुद्राक्ष उचित मूल्य पर मिलता है। रुद्राक्ष के साथ इसको अपने पास रखने से लेकर पूर्ण लाभ प्राप्ता करने के लिए आचार्य जी द्वारा बताएं गए उपाय भी आपको दिए जाते हैं।

 
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